सैन सभा का आयोजन “सैन धर्मशाला कुरुक्षेत्र (हरियाणा)”

Samaj Meetings Social Services

श्री भगत सैन जी महाराज जय।

श्री नारायणी माता की जय।

श्री कर्पूरी ठाकुर अमर रहे।

श्री सैन समाज ज़िन्दाबाद।

सभी सम्मानित सैन भाईयोँ को नमस्कार,

सैन समाज को एकता में पिरोने के लिए पिछले वर्षो की भाति इस वर्ष भी सैन सभा का आयोजन “सैन धर्मशाला कुरुक्षेत्र (हरियाणा)” में दिनांक 20 मई से प्रात 10 बजे से 21 मई 2017 संध्या तक किया जायेंगा।

आज मैं एक ऐसे विषय पर अपने विचार व्यक्त कर रहा हूँ जो पिछले कई वर्षों से सम्मान का विषय रहा है। मेरे तात्पर्य है  उस राष्ट्रिय अध्यक्ष पद से है जो समाज को नई दिशा देने में सार्थक सिद्ध होंगे।  किन्तु  हमारे बहुत से ऐसे भाई है जो समाज के अध्यक्ष पद को ही सम्मान समझते है। क्या उन सभी अध्यक्षो को समाज से कुछ प्राप्त हुआ है और क्या उन्होंने समाज को कुछ दिया है। ऐसे ही कई उदाहरण है जो सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को ही समाज सेवा समझते है। और समाज को इस पद से कोई लाभ नहीं हुआ और उन्हें वह पद छोड़ने पड़े। यदि हम सभी अध्यक्ष पद के लिए ही दौड़ रहे है तो क्यों न इस पर विचार विमर्श कर एक ऐसा प्रस्ताव लागू करें जिससे आपको सम्मान के पद और समाज को आपका मार्ग दर्शन मिले।

समाजिक विकास के लिए प्रस्ताव इस प्रकार है।

  1. यदि हम राष्ट्रिय अध्यक्ष ही बनना चाहते है तो क्यों न हम अपने अंदर एक ऐसा लक्ष्य निर्धारित करे जो समाज को लाभ एवम आपको सम्मान तथा समाज को अध्यक्ष मिले।
  2. अधिकतर भाई सैन, सविता, नंदवंशी एवम नाई समाज के की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहते है किन्तु इससे समाज को कुछ नहीं मिलने वाला है और न ही आपको। यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना ही है तो अपनी कार्यदक्षता सिद्ध कर अपनी दक्षता का प्रमाण दे और बने समाज के अध्यक्ष।

अध्यक्ष पद इस प्रकार है:-

      1. राष्ट्रीय अध्यक्ष – भारतीय सैन महासंघ
      2. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज शिक्षा विभाग
      3. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज रोजगार विभाग
      4. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज स्वास्थ्य विभाग
      5. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज कानूनी सलाहकार विभाग
      6. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज ठेकेदारी विभाग
      7. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज जमीन जायदाद विभाग
      8. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज कृषि विभाग
      9. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज घरेलू मामले विभाग
      10. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज बाल विकास विभाग
      11. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज महिला कल्याण विभाग
      12. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज समाज विकास कोष विभाग
      13. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज सुरक्षा विभाग
      14. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज खेल विभाग
      15. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाज व्यपार विभाग
      16. राष्ट्रीय अध्यक्ष – सैन समाजिक अन्य मामले विभाग

    नोट : इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा करे। अपने सामाजिक सन्देश एवं अपना बायोडाटा भी साथ लेकर आये।

    अतः इस प्रकार आप इन सभी संस्थओं के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद ग्रहण कर सकते है। और इससे समाज को आपके मार्गदर्शन में सफलता एवम सम्मान मिलेगा। वही आपको भी समाज में उच्च कोटि का स्थान एवम महत्त्व भी मिल जायेगा । हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख एवम ईसाई आदि समुदाय में भी नाई पाए जाते है। इस समाज के व्यक्ति को सम्मान की द्रष्टि से नहीं देखा जाता है और उसे नउआ , नाई एवं हज्जाम आदि शब्दों से सूचित किया जाता है जबकि हमे सैन और सविता से ही सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।

    हमे आपका साथ इन उद्देश्यों को पूर्ण करने के लिए चाहिए :-

    1. सैन समाज की जंगरणना कराना जिससे हमारे परिवार की सामाजिक एवम आर्थिक स्थिति का पता लग सके। यदि हमें समाज की स्थिति का ठीक से पता ही न हो तो समाज का होना और न होना कोई महत्त्व नहीं रखता है। सैंन समाज के व्यक्ति कहा कहा पर रहते है यह जानना बहुत जरूरी है। जनगणना ही समाज को एक सूत्र में पिरोहने का काम करती है/ मिलाने का काम करती है।
    1. समाज के निम्न स्तर के परिवारों को शिक्षा, रहन, सहन एवम रोजगार प्रदान कराना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह कार्य करने में बहुत कठिन है किन्तु असंभव नहीं। अतः हम यह कार्य आप सभी के सहयोग से करना चाहते है। इसके लिए तन, मन एवम धन की आवश्यक्ता होंगी। यह कार्य कोई भी अकेला नहीं कर सकता है इसे करने के लिए एक संस्था या सैन परिवार की आवश्यकता पड़ेगी।
    1. समाज का विकास करने के लिए शिक्षा, रहन एवम सहन बहुत ही महत्त्वपूर्ण बिंदु है। समाज के वे व्यक्तियों को जो किसी गॉव में अकेला परिवार रहता है क्या हम उन्हें अपनी आबादी वाले गॉव एवं शहर में बसा सकते है। लेकिन समाज के वो परिवार जो सिर्फ और सिर्फ धक्के और मुक्के ही खाते है उन परिवार का ऐसे स्थान पर रहना कोई ओचित्य नहीं रखता है। हम सभी ऐसे परिवारों को ढूंढे एवम ऐसी जगह विस्थापन पर विचार करे जो उनसे सैन समाज को बल एवं परिवार को रोजगार की पूर्ति हो। आपका सभी इस कार्य में पूर्ण सहयोग करें।
    1. चौथी समस्या है ब्राह्मणवाद का प्रभाव का बहिष्कार करना। यदि हम ब्राह्मणों के चंगुल से यदि मुक्त नहीं हुए तो जो भी साल में कमाते है सिर्फ और सिर्फ दान ही देते रहेंगे। हम सभी किसी न किसी देवी एवम देवता को पूजते ही है इसमें कोई आपत्ति नहीं किन्तु उसमे फस कर रह जाना विकट संकट है। हम सभीको पहले अपने माता पिता की सेवा और पूजा पर ध्यान दे। एवम संत शिरोमणि श्री सैन जी महाराज एवम श्री कर्पूरी ठाकुर की फोटो एवम मूर्ति का निर्माण कराओ। हमे अपने समाज की सामाजिक धरोहरों को अन्य समाज के व्यक्तियों के चंगुल से मुक्त करा कर उन्हें अपने अधीन करे।
    1. सबसे अहम एवम महत्त्वपूर्ण कार्य जिससे समाज को शिक्षा एवम रोजगार का सृजन होंगा। यदि हम सभी अपनी सामर्थ्य से धन एवम समय का सहयोग करे तो संत शिरोमणि सैन जी महाराज के नाम पर स्कूल एवम कालेज का निर्माण करना होंगा। यदि हम सभी मिलकर इस कार्य को करने में सफल होते है तो समाज को विकास ही नहीं अपितु समाज की सैन टाइटल की भी आवश्यकता भी पूरी हो जायेगी। इसी प्रकार अस्पताल का निर्माण कार्य कराने की मुहिम भी चलानी होंगी।

    यह सभी उक्त कार्य समाज का अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता है इसे करने के लिए तो हम सभी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होंगी।

    अगर हम ऊपर लिखे सभी विषय पर अपने विचार एवम मंथन करे तो यह बहुत ही लाभदायक हो सकता है। और हम समाज, गांव, जिले , प्रदेश, देश और विदेश में अपनी पहचान प्रदर्शित करने में कामयाब हों जाएँगे। आप सभी से विन्रम विनती है कि कृपया अपने आने की पुष्टि दर्ज करे और ऊपर दिए गए बिषयों पर अपने अपने लेख जरूर लेकर आये। यदि आप सभी सच्चे मन से समाज सेवा करना चाहते है तो इस कार्यक्रम में भाग ले। अपने विचार एवम अनुभवों से समाज का मार्ग दर्शन करें; तथा उपरोक्त विषयों में से किसी एक विषय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। शायद हम सभी आपके सान्निध्य में विकास का परचम लहरा सके।

    जय सैन समाज

    धन्यवाद

    ऍम एस ठाकुर – आयोजक 9773105424

    ओमकार सिंह – 9716908854

    मन मोहन सिंह  – 8077341779

    भारतीय सैन महासंघ

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