Sain Sabha Successful in Salarpur Kurukshetra

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संत शिरोमणि श्री सैन जी महाराज की जय,

जननायक श्री कर्पूरी ठाकुर जी की जय,

श्री नारायणी माता की जय,

दिनांक 20 मई एवम 21 मई को सैन धर्मशाला, कुरुक्षेत्र में सैन समाज की बहुत ही महत्त्वपूर्ण सभा का आयोजन श्री सैन अमरनाथ गिल की अध्यक्षता एवम श्री एम एस ठाकुर साहब की आयोजक्ता में कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री रतन सैन, अध्यक्ष – अखिल भारतीय सैन ठाकुर धर्मशाला, कुरुक्षेत्र का बहुत योगदान रहा।

इस कार्यक्रम के सभी आमंत्रित सैन भाईयो एवम बहनों का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ।

इस कार्यक्रम के सबसे मुख्य बिंदु समाज के निम्न वर्ग को ऊपर लाने, विस्थापन एवम रोजगार को लेकर कई प्रस्ताव लाये गए। एवम इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की एक संस्था का निर्माण करने, अस्थायी सदस्यों का मनोनयन भी किया गया। जिनके नाम एवम पद मैं अपनी अगले संदेश में दूंगा।

समाज का विकास कोई भी एक व्यक्ति करने में न तो सक्षम है और न ही हो सकता है। इस कार्य को पूर्ण करने के लिए हम सभी का पूर्ण सहयोग तन, मन एवम धन से करना होंगा। हम हरियाणा में गए और कार्यक्रम भी किया और आनन्द भी आया किन्तु कुछ लोगो ने कहा कि हरियाणा में समाज का पूर्ण विकास हो चुका है। यदि हरियाणा में समाज का पूर्ण विकास एवम जागरूक हो गए है तो क्यो हम कार्यक्रम में एक दूसरे की टांग खींच रहे थे। मैं मानता हूँ कि समाज मे सभी नेता और ठेकेदार बनना चाहते है किंतु ऐसा अब संभब नही हैं। नेता वही बन सकता है जो दूसरे का सम्मान, बराबरी का दर्जा, ओर उसके हक के लिए खड़ा रहे। कृप्या एक बार हम कार्यकर्ता बन के देखे कितना आनंद आता है इस कार्य को करके पता चल जाएगा।

मैं कोई नेता नही हूँ किन्तु समाज का कार्यकर्ता एवम विचारक हूँ। जो लोग मंच पर खड़े होकर हम जैसे भाईयो के विचार फेसबुक एवम व्हाट्सएप से पढ़कर बोलते है उन्हें शर्म आनी चाहिए कि हम जैसे भाईयो का मजाक मंच से ना उड़ाए वरना बोलना तो दूर की बात है भीड़ भी नसीब नही होंगी। हम जैसो का ही काम भीड़ पैदा करना है।

अपने समाज ने एक राजनीतिक दल बनाया मुझे बताओ कितने व्यक्तियों ने इस दल की सहायता की है। दल एक व्यक्ति विशेष नही चला सकता है। क्या हम सभी 100, 200, 500, 1100 से इस दल की सदस्यता नही ले सकते है।

विचार तो आते ही रहेंगे और मैं लिखता रहूँगा। किन्तु अभी शब्दो को विराम देता हूँ।

मेरे शब्द कटु हो सकते है किंतु असत्य नही।

जय सैन समाज।

धन्यवाद,
भारतीय सैन महासंघ

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